शराबबंदी कानून पर पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को सुनाई फटकार, सुनाया बड़ा फैसला

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बिहार में नीतीश सरकार की ओर से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। समय समय पर राजनीतिक नेताओं सहित बिहार की जनता इस कानून पर सवाल उठाती रही है। ताजा अपडेट के अनुसार पटना हाईकोर्ट ने एकबार फिर शराबबंदी से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए बिहार सरकार को फटकार लगाई है।

शराबबंदी कानून के तहत जब्त हुई गाड़ियों को मुक्त कराने के लिए अब थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हाईकोर्ट ने ऐसे मामले में पकड़ी गई गाड़ियों को जब्त रखने की अंतिम समय सीमा 90 दिन निर्धारित कर दी है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अगर 90 दिनों के अंदर गाड़ियों और अन्य सामान के राज्यसात की प्रकिया पूरी नहीं हुई, तो इसे मुक्त कर दिया जाएगा। 90 दिन की उल्टी गिनती उस दिन से शुरू होगी, जिस दिन से कार्रवाई में शामिल पक्षकार डीएम के सामने हाजिर होंगे। अगर राज्यसात की कार्रवाई में डीएम के अंतिम आदेश के खिलाफ कोई अपील दायर होगी तो उत्पाद आयुक्त या राज्य सरकार, जहां भी अपील लंबित है, उसे भी 30 दिनों के अंदर निष्पादित करना होगा अन्यथा जब्त संपत्ति को मुक्त माना जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ ने गोपालगंज के अभिषेक कुमार की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिनकी स्विफ्ट कार जिले के बैकुंठपुर थाने में अर्से से जब्त है। खंडपीठ ने कहा कि ऐसा निर्णय इसलिए लेना पड़ रहा है क्योंकि जब्त सामान व गाड़ियों की राज्यसात प्रक्रिया लगातार लंबित है और इसके कारण इसे छुड़ाने के लिए मुकदमों का अंबार लग गया है। गौरतलब है कि शराबबंदी कानून में जब्त हुए सामान को कम से कम समय में राज्यसात करने का प्रावधान है। हाईकोर्ट के इस आदेश से अब तीन महीने की समय सीमा तय हो गयी है। कोर्ट के इस आदेश की कॉपी सूबे तमाम जिलाधिकारियों को भेजने का भी निर्देश दिया गया है। उत्पाद अधिनियम में यह प्रावधान है कि जब्त गाड़ियों का इस्तेमाल अगर शराब के व्यवसाय के लिए किया गया है तो गाड़ियां राज्यसात होंगी।

एक अप्रैल 2016 से 31 मई 2021 तक पूरे बिहार में शराब के मामले में कुल 43377 वाहन जब्त हुए हैं। इसमें 28374 टू व्हीलर और 15003 थ्री व्हीलर या उससे अधिक के वाहन शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक 3048 वाहन मधुबनी में पकड़े गए हैं, जिसमें 2541 टू व्हीलर हैं जबकि अन्य वाहनों की संख्या 507 है। वहीं राजधानी पटना में इसी अवधि में कुल 2788 वाहन शराब मामले में पकड़े गए हैं, जिसमें 1582 टू व्हीलर और 1206 अन्य वाहन हैं। सबसे कम 132 वाहन शेखपुरा में पकड़े गए हैं।

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